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“Sanātana vidyāsē 𝗖𝘆𝗯𝗲𝗿 𝘀𝗲𝗰𝘂𝗿𝗶𝘁𝘆”

Sanātana vidyāsē 𝗖𝘆𝗯𝗲𝗿 𝘀𝗲𝗰𝘂𝗿𝗶𝘁𝘆 Yes, there is also a science in the scriptures by which you can keep your pin safe and private.

जी हाँ, शास्त्रों में एक ऐसी भी विद्या है जिससे आप अपने pin को सुरक्षित और गोपनीय रख सकते हैं।

The name of that science is “Katpayadi Numskhya Vidya”

उस विद्या का नाम है “कटपयादी सन्ख्या विद्या”

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Sanātana vidyāsē 𝗖𝘆𝗯𝗲𝗿 𝘀𝗲𝗰𝘂𝗿𝗶𝘁𝘆

◆ Arbitrary numbers (Sanātana vidyāsē 𝗖𝘆𝗯𝗲𝗿 𝘀𝗲𝗰𝘂𝗿𝗶𝘁𝘆)

Many of us forget our password or ATM PIN because we write it down somewhere, but if that piece of paper gets lost in someone’s hand, it becomes a problem. . Ko hum people can remember easily with “Katpayadi number”.

◆ कटपयादि संख्या  (Sanātana vidyāsē 𝗖𝘆𝗯𝗲𝗿 𝘀𝗲𝗰𝘂𝗿𝗶𝘁𝘆)

हम में से बहुत से लोग अपना Password, या ATM PIN भूल जाते हैं इस कारण हम उसे कहीं पर लिख कर रखते हैं पर अगर वो कागज का टुकड़ा किसी के हाथ लग जाए या खो जाए तो परेशानी हो जाती, पर अपने Password या Pin No. को हम लोग “कटपयादि संख्या” से आसानी से याद रख सकते है।

“Katpayadi” (cuts etc.) is an ancient Indian practice of easily memorizing numbers as words or verses Sanātana vidyāsē 𝗖𝘆𝗯𝗲𝗿 𝘀𝗲𝗰𝘂𝗿𝗶𝘁𝘆.

Since scientific/technical/astronomical texts in India used to be written in verse form, Indian thinkers came up with the solution of ‘Katpayadi’ to express numbers in words.

“कटपयादि”( क ट प य आदि) संख्याओं को शब्द या श्लोक के रूप में आसानी से याद रखने की प्राचीन भारतीय पद्धति है

चूँकि भारत में वैज्ञानिक/तकनीकी/खगोलीय ग्रंथ पद्य रूप में लिखे जाते थे, इसलिये संख्याओं को शब्दों के रूप में अभिव्यक्त करने हेतु भारतीय चिन्तकों ने इसका समाधान ‘कटपयादि’ के रूप में निकाला।

The earliest available evidence of the use of the Katpayadi system is found in the description “Laghubhaskarya” written by “Sankara Narayana” in 869 AD.

कटपयादि प्रणाली के उपयोग का सबसे पुराना उपलब्ध प्रमाण, 869 AD में “शंकरनारायण” द्वारा लिखित “लघुभास्कर्य” विवरण में मिलता है

तथा “शंकरवर्मन” द्वारा रचित “सद्रत्नमाला”  का निम्नलिखित श्लोक इस पद्धति को स्पष्ट करता है

◆ इसका शास्त्रीय प्रमाण –

And the following verse of “Sadratnamala” composed by “Sankaravarman” explains this method

◆ Its scientific value is –

Nouns and zeros: Katpayadaya:.

Misre tupantyhal number na cha chintyo halswar: ॥

नज्ञावचश्च शून्यानि संख्या: कटपयादय:।

मिश्रे तूपान्त्यहल् संख्या न च चिन्त्यो हलस्वर: ॥

[Meaning: ন, জ and অ represent zero. (Mana of vowels is zero) The remaining nine digits are represented by consonant letters starting with K, T, P and Y. In any joint consonant, only the last consonant will be taken. Consonants without vowels will be omitted.]

[अर्थ: न, ञ तथा अ शून्य को निरूपित करते हैं। (स्वरों का मान शून्य है) शेष नौ अंक क, ट, प और य से आरम्भ होने वाले व्यंजन वर्णों द्वारा निरूपित होते हैं। किसी संयुक्त व्यंजन में केवल बाद वाला व्यंजन ही लिया जायेगा। बिना स्वर का व्यंजन छोड़ दिया जायेगा।]

Now discuss Sanātana vidyāsē 𝗖𝘆𝗯𝗲𝗿 𝘀𝗲𝗰𝘂𝗿𝗶𝘁𝘆 that what is its utility in modern times and how to use it?

Katpayadi – is a scientific method of abbreviating numbers by representing them by letters, each number is represented by a few letters e.g.

1 – K,K,W,Y

2 – B, Th, F, R

3 – C, D, B, L

4 – D, D, B, V

5 – E,N,M,S

6 – Ch

7 – Ch,th,s

8 – J,D,H

9 – Z,D

0-ज,झ,ए,ए,इ,इ,ए,ए,ए,ॠ,छ,ए,ए,ए,ए

Our Acharyas used these in meaningful Sanskrit sentences, like Gauh = 3, Srih = 2 etc.

For this, the existing quantity is left in between. If the vowel is at the beginning of the word it is acceptable, otherwise it is unacceptable.

 

कटपयादि – अक्षरों के द्वारा संख्या को बताकर संक्षेपीकरण करने का एक शास्त्रोक्त विधि है, हर संख्या का प्रतिनिधित्व कुछ अक्षर करते हैं जैसे

 

1 – क,ट,प,य

2 – ख,ठ,फ,र

3 – ग,ड,ब,ल

4 – घ,ढ,भ,व

5 – ङ,ण,म,श

6 – च,त,ष

7 – छ,थ,स

8 – ज,द,ह

9 – झ,ध

0-ञ,न,अ,आ,इ,ई,उ,ऊ,ऋ,ॠ,लृ,ए,ऐ, ओ,औ

हमारे आचार्यों ने संस्कृत के अर्थवत् वाक्यों में इन का प्रयोग किया, जैसे गौः = 3, श्रीः = 2 इत्यादि ।

इसके लिए बीच में विद्यमान मात्रा को छोड़ देते हैं । स्वर अक्षर ( vowel) यदि शब्द के आदि (starting) मे हो तो ग्राह्य ( acceptable) है, अन्यथा अग्राह्य (unacceptable) होता

Like understand that my ATM PIN is 0278- but sometimes we get confused while going to ATM while remembering the number, is it 0728 or 0278?

This also happens with a lot of people, these are solutions to avoid them

For example, for ATM PIN, convert any four letter sanskrit word into its katpayadi (keep that word only in your mind, don’t tell anyone)

जैसे समझिए कि मेरा ATM PIN 0278 है- पर कभी-कभी संख्या को याद रखते हुए ATM में जाकर हम Confuse हो जातें हैं  कि 0728 था कि 0278 ?

यह भी अक्सर बहुत लोगों के साथ होता है, ये इनसे बचने के उपाय हैं

जैसे ATM PIN के लिए कोई भी चार अक्षर वाले संस्कृत शब्द को उस के कटपयादि मे परिवर्तन करें ( उस शब्द को सिर्फ अपने ही मन मे रखें, किसी को न बताएं )

Source : https://www.prashasaksamiti.com/2023/10/blog-post_117.html

Also there is other  Method are using in  ancient india civilisation

https://www.youtube.com/watch?app=desktop&v=_1qAmGdNaFA

 

 

 

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